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मङ्गलाष्टकम्
।। अथ मंगलाष्टक मंत्र ।। ॐ श्रीमत्पङ्कजविष्टरो हरिहरौ वायुर्महेन्द्रोऽनलः चन्द्रो भास्करवित्तपालवरुणाः प्रेताधिपादिग्रहाः। प्रद्युम्नो नल...
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हिरण्यगर्भ सूक्त हिंदी भावार्थ सहित हिरण्यगर्भः समवर्तताग्रे भूतस्य जातः पतिरेक आसीत्॥ स दाधार पृथिवीं द्यामुतेमां कस्मै देवाय हविषा विधे...
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अत्रि स्तुति(संस्कृत) नमामि भक्त वत्सलं, कृपालु शील कोमलं। भजामि ते पदांबुजं, अकामिनां स्वधामदं॥१॥ निकाम श्याम सुंदरं, भवांबुनाथ मंदरं। प्र...
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प्रादयः१, उपसर्गाः क्रियायोगे २ अर्थात् क्रिया के योग में प्रयुक्त ‘प्र’ आदि उपसर्ग संज्ञा को प्राप्त होते हैं। ‘उपसर्ग’ शब्द का भी सामान्य...
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